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NewsOrator Hindi > एजुकेशन > हिंदी निबन्ध > दिवाली पर निबंध | Diwali Essay In Hindi 2025
हिंदी निबन्ध

दिवाली पर निबंध | Diwali Essay In Hindi 2025

Manish Agrawal
Last updated: 2025/08/29 at 12:08 PM
Manish Agrawal
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18 Min Read
Diwali Essay In Hindi
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नमस्कार दोस्तों आज हम दिवाली पर निबंध | Diwali Essay In Hindi 2025 लिखेंगे दिवाली पर्व सबसे बड़ा और धार्मिक त्यौहार है। जो देश में ही नहीं विदेश में भी मनाया जाता है। इसीलिए आज हम Diwali Par Nibandh लिखेंगे

Contents
दिवाली पर निबंध | Diwali/Deepawali  Essay In Hindiप्रस्तावनाDiwali/Deepawali का महत्व Diwali/Deepawali कब मनाई जाती है।Diwali/Deepawali क्यों  मनाई जाती है।Diwali/Deepawali कैसे मनाई जाती है।धनतेरस लक्ष्मी पूजा गोवर्धन पूजाभाई दूज बनाईDiwali essay in Hindi 100 wordsShort Essay On Diwali in Hindi 250 wordsShort Essay On Diwali in Hindi 350 wordsDeepavali Par Paragraph in Hindiदिवाली पर 10 Lines (10 lines In Hindi On Diwali )

यह निबंध (essay on diwali in hindi for) class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 के विद्यार्थियों के लिए लिखे गए है। । इस निबंध को हमने 740 , 250 , 350 ,100 में लिखा है आप इसको किसी भी निबंध प्रतियोगिता या फिर कॉलेज और स्कूल में अपने पाठ्यक्रम की तरह उपयोग में ले सकते है।

दिवाली पर निबंध | Diwali/Deepawali  Essay In Hindi

प्रस्तावना

दिवाली भारत का सबसे पवित्र और सबसे बड़ा त्यौहार है। इसको मुख्य रूप से सबसे ज्यादा हिंदुओं के द्वारा बनाया जाता है।

दीपावली जो दिवाली के नाम से जानी जाती है। इसे दीपों का त्योहार भी कहा जाता है। दीपावली भारत में अपना एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। .

इसका संबंध पौराणिक कथाओं में भगवान राम ने रावण का वध करके अयोध्या लौट थे। जिसका अर्थ था। असत्य पर सत्य की विजय और अंधकार पर उजाले की विजय की ओर अग्रसर होना ।

दीपावली हर साल बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। दिवाली को देश में ही नहीं अपितु विदेश में भी मनाया जाता है। यह त्यौहार भारतवर्ष में सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यधिक दिवाली महत्व रखती है।

Diwali/Deepawali का महत्व 

भारत में दिवाली का आध्यात्मिक हिंदू धर्म, जैन धर्म, सिख धर्म, ऐतिहासिक और आर्थिक इन सभी दृष्टि से  महत्व अत्यधिक है। इन सभी धर्मो में दीपावली के दिन हुए पवित्र कार्य की खास झलक दिखाई देती है।

Diwali/Deepawali कब मनाई जाती है।

दीपावली कार्तिक माह की अमावस्या को अक्टूबर में मनाई जाती है।

Diwali/Deepawali क्यों  मनाई जाती है।

पौराणिक कथा।ओं के अनुसार रावण द्वारा सीता माता हरण कर लिया गया था । और उस समय रावण के आतंक से पूरी दुनिया भयभीत थी जिसका अंत करने के लिए भगवान विष्णु ने राम के रूप में अवतार लिया उस समय भगवान राम को 14 वर्ष का वनवास मिला था।

भगवान राम ने रावण का वध करके 14 वर्ष का वनवास पूरा किया और उसके बाद अयोध्या लौटे इस खुशी में अयोध्या की नगरी की प्रजा ने सभी ने अपने घर में दीपक जला कर भगवान राम का स्वागत किया।

Diwali/Deepawali कैसे मनाई जाती है।

अक्टूबर महीना शुरू होने पर दिवाली आने से कुछ ही दिनों पहले घर की रंग रोगन साफ सफाई चालू कर  दी जाती है। सभी अपने घर को और सामान को साफ करते है। ऐसे मान्यता रही है। कि दिवाली के समय कोई भी नया कार्य करना या वास्तु खरीदना बहुत ही शुभ होता है।

दिवाली से पहले दशहरा आता है। इस दिन एक बड़े से मैदान में राम लीला होती है उसके  बाद रावण का दहन किया जाता है।

धनतेरस 

दिवाली से 1 दिन पहले के दिन को धनतेरस या कच्ची दिपावली बोला जाता है। इस दिन बाजार में बहुत भीड़ होती है।

सभी लोग बाजार में जमकर खरीदारी करते है। लक्ष्मी माता के लिए पूजा सामग्री और ईख (गन्ना) खरीदते है। इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा होती है। सभी बाजार से मिठाइयां पटाखे और नए-नए कपड़े खरीद ते है।

दिवाली के दिन सभी लोग अपने घर को दीपक से और रंग बिरंगी लाइटों से दुल्हन की तरह सजा देते है। इस  दिन सुबह जल्दी दीए जलाए जाते है। उसके बाद शाम को माता लक्ष्मी की पूजा करने से पहले दिए जलाकर छत पर और मंदिरों में ले जाकर रखे जाते है।

लक्ष्मी पूजा 

इसके बाद माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। पूजा आराधना करने के बाद माता लक्ष्मी से सुख समृद्धि और जीवन में खुशियों की मांग की जाती है। माता लक्ष्मी की पूजा करने के बाद सभी एक दूसरे के घर पर जाकर बड़े बुजुर्ग लोगों के चरण स्पर्श किए जाते है। और आशीर्वाद लिया जाता है।

इसके बाद सभी परिवार के लोग एक साथ मिलकर पटाखे छोड़ते है। मिठाई खाते और बाटते है। दोस्तों से मिलने जाते है। इसके बाद सभी एक साथ मिलकर खाना खाते है। दिवाली का कार्यक्रम देर रात तक चलता है। ऐसा बोला जाता है। कि दिवाली के दिन बिस्तर पर नहीं सोया जाता है। इस दिन हमें धरती पर सोते है।

गोवर्धन पूजा

दिवाली से अगले दिन गोवर्धन पूजा जाता है। धार्मिक कथा।ओं के अनुसार जब गोकुल में बहुत तेज बाढ़ आ गई थी तब भगवान कृष्ण ने गोकुल वासियों को बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली से उठा लिया था।

सभी पशुओ और गोकुल वासियों ने गोवर्धन पर्वत के नीचे शरण ली थी  इसी कारण से गोवर्धन पर्व मनाया जाता है। गोवर्धन के दिन सभी स्त्रियां मिलकर गोबर का गोवर्धन बनाती है। और दीया जलाकर उसकी पूजा की जाती है।

भाई दूज बनाई

दिवाली के चौथे दिन भाई दूज बनाई जाती है। यह भाई बहन का सबसे प्रिय त्यौहार है। यह त्यौहार भाई-बहन के आपसी प्रेम का प्रतीक है। ये ऐसा त्यौहार है। जो एक दूसरे के भाईचारे को बढ़ाता है।

दिवाली को अलग अलग धर्म के  सभी  लोग बनाते है। जो कि अनेकता में एकता को प्रदर्शित करता है। यह दिन छोटे बड़े के लिए  खुशी और एक उमंग कि बाहर लेकर आता है।

Diwali essay in Hindi 100 words

दिवाली हिंदुओं का त्यौहार है। यह कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है। इसे सभी धर्म के लोग मनाते है। यह दीपों का त्यौहार है। इस दिन सभी घर में दीपक जलाए जाते है। इस दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था।

इसी की खुशी में दिवाली पर्व मनाई जाती  है। इस दिन घर की साफ सफाई और रंग रोगन किया जाता है। दिवाली के दिन सभी नए नए कपड़े पहन मिठाइयां खाते है।

पटाखे छोड़ते है। बड़ों के चरण स्पर्श करते है। इस दिन माता लक्ष्मी जी और भगवान गणेश जी की पूजा होती है। यह त्यौहार बड़ों और छोटों के लिए खुशियां लेकर आता ह

Short Essay On Diwali in Hindi 250 words

दिवाली त्यौहार हिंदू धर्म का अत्यधिक प्रिय और सबसे बड़ा त्यौहार है। दिवाली अर्थात दीपावली को हम रोशनी का त्योहार भी कहते है। दीपावली हिंदुओं का सबसे प्राचीन त्यौहार है। यह अंधकार पर प्रकाश की विजय को दर्शाता है। दीपावली वर्ष में एक बार आता है। यह सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है।

दीपावली का भारतवर्ष में सबसे महत्वपूर्ण स्थान है। क्योंकि अन्य धर्म की झलक भी दीपावली में देखने को मिलती है। इसे मनाने का कारण भगवान राम से जुड़ा हुआ है। जब भगवान राम को 14 वर्ष का वनवास मिला था। तब उस वनवास में रावण द्वारा माता सीता का हरण कर लिया गया था।

जिसके बाद भगवान राम ने रावण का वध कर माता सीता के साथ अयोध्या को प्रस्थान किया अयोध्या में आगमन करने पर अयोध्या की प्रजा ने बड़ी धूमधाम से उनका स्वागत दीप जलाकर किया दिवाली कार्तिक मास की अमावस्या को अक्टूबर में मनाई जाती है।

इस दिन घर की साफ सफाई रंग रोगन किया जाता है। दिवाली से 1 दिन पहले धनतेरस आती है। इस दिन मिठाइयां पटाखे और पूजा सामग्री खरीदी जाती है। दीपावली के समय खरीदे गए नई वस्तु या सामान बड़े शुभ होते है। दीपावली से कुछ दिन पहले ही दीप जलाने चालू हो जाते है।

दीपावली की शाम को दीप जला कर घर और मंदिरों में ले जाया जाता है। इसके बाद मां लक्ष्मी जी और गणेश जी महाराज की पूजा होती है। पूजा करने के बाद उनसे लंबी आयु धन्य धान्य और अच्छी समृद्धि की प्रार्थना की जाती है।

इसके बाद बड़ों के चरण स्पर्श किए जाते है। और मिठाई खाई जाती है। उपहार बांटे जाते है। पटाखे छोड़े जाते है। दीपावली का त्यौहार लगातार पांच दिनों तक चलता है। दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा होती है। इस दिन भगवान कृष्ण ने अपनी एक उंगली से गोवर्धन पर्वत उठाकर गोकुल वासियों को संकट से बचाया था।

दीपावली का त्यौहार हिन्दुओ का होते हुए भी अनेकता में भी एकता को दर्शाता है। क्योंकि इसे हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई सभी लोग एक साथ मिलकर मनाते है। यह त्यौहार बड़े से लेकर छोटों में उत्साह और एक नई उमंग लेकर आता है।

Short Essay On Diwali in Hindi 350 words

दिवाली हिंदुओं का पवित्र त्यौहार है इसी सभी धर्म के लोग मिलकर बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। इसे दीपों का त्यौहार भी कहते क्योंकि इस दिन दीप जलाकर एक साथ दिवाली मनाई जाती है। दीपावली कार्तिक अमावस्या को अक्टूबर और नवंबर मैं समय के अनुसार मनाई जाती है।

दिवाली मनाने का सबसे बड़ा कारण भगवान राम से जुड़ा है माता सीता के अपहरण करने के बाद भगवान राम ने दुष्ट रावण के अत्याचारों से दुनिया को मुक्त कराया था।

और 14 वर्ष का वनवास पूरा करके अयोध्या लौट कर आए थे भगवान राम के अयोध्या लौटने की खुशी में वहां की प्रजा ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था।

दिवाली आपसी प्रेमभाव और भाईचारे का त्यौहार है इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान से गणेश जी की पूजा होती है। दिवाली आने से पूर्व घर की साफ सफाई और दीवारों को रंग रोगन करने में लोग व्यस्त हो जाते हैं।

दिवाली से पहले धनतेरस आती है इस दिन बाजार में बहुत ही ज्यादा भीड़ होती है। लोग मिठाई कपड़े और पटाखे खरीदने में व्यस्त रहते हैं।

दुकानदारों की दुकान मिठाई कपड़े और पटाखों से सजी हुई रहती है यह कार्य देर रात तक चलता रहता है । दिवाली के दिन शाम होते ही सभी लोग दिया जलाते हैं। और उसके बाद माता लक्ष्मी और भगवान श्री गणेश की पूजा करते हैं। पूजा करने के बाद घर में बनाए हुए पकवानों का भोग लगाया जाता है।

इसके बाद सभी एक दूसरे को दीपावली की शुभकामनाएं देते हैं और मिठाइयां व उपहार बांटते हैं। और घर पर बनाए हुए पकवानों का आनंद लिया जाता है।

उसके बाद सभी पटाखे छोड ते हैं और दिवाली के त्योहारों का भरपूर आनंद लिया जाता है। दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजन होता है।

जिसमें गोबर के गोवर्धन बनाए जाते हैं। और उनकी पूजा की जाती है क्योंकि गोकुल वासियों की रक्षा के लिए भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी चिट्ठी उंगली पर उठा लिया था। और सभी गोकुल वासियों को उसमें शरण देकर उनकी रक्षा की थी।

दीपावली त्यौहार पूरे भारतवर्ष में मनाया जाता है। और यह सभी को एकता के बंधन में जोड़ता है। यह आपसी प्रेम और सद्भावना की भावना उत्पन्न करता है।

Deepavali Par Paragraph in Hindi

दिवाली भारतवर्ष में बड़ी धूमधाम से मनाया जाने वाला सबसे बड़ा त्यौहार है। यह धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से अपना एक महत्वपूर्ण स्था।न रखता है।

दिवाली कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है। दीपावली को दीपों का त्यौहार भी कहा जाता है। क्योंकि इस दिन पूरा देश दीपों से जगमगा जाता है। और हर तरफ रोशनी ही रोशनी होती है।

दीपावली को हर धर्म के लोग बनाते है। जो भारत को एक सूत्र में बांधने का कार्य करती है। क्योंकि इस दिन भगवान राम ने अपना 14 वर्ष का वनवास पूरा किया था। और अयोध्या लौटे थे। अयोध्या वासियों ने भगवान राम के लौटने पर दीप जलाकर भगवान राम का स्वागत किया था।

दीपावली का त्यौहार हर साल अक्टूबर और नवंबर में आता है। यह प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला त्यौहार है। दीपावली त्यौहार असत्य पर सत्य की विजय अधर्म पर धर्म की विजय और अंधकार पर रोशनी की विजय को दर्शाता है।

दीपावली आने से कुछ दिन पहले ही घर में साफ सफाई रंग रोगन घर के सभी सामानों की साफ सफाई चालू हो जाती है। घर के हर कोने को चमकाया जाता है।

दिवाली से पहले धनतेरस आती है। इस दिन पूरे बाजार में रौनक आ जाती है। दुकानदार अपनी दुकानों की साफ सफाई करके बिक्री के सामानों से अपनी दुकान सजा देते है।

धनतेरस के दिन बाजार में बहुत भीड़ भाड़ होती है। सब लोग पटाखे मिठाइयां और दिए खरीदने में लगे रहते है। नए-नए कपड़े खरीदते है।

इस दिन सुबह प्रात जल्दी दीए जलाए जाते है। और शाम को दीए जलाकर मंदिर और घरों पर सजाए जाते है। इसके बाद माता लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा होती है।

नए-नए पकवान बनाए जाते है। और उनका भोग लक्ष्मी माता और गणपति महाराज को लगाया जाता है। इसके बाद माता लक्ष्मी और गणेश जी महाराज की आरती की जाती है।

इसके बाद सभी बच्चे अपने आस-पड़ोस में बड़ों के चरण स्पर्श करने जाते है। और उनसे मिठाइयां और उपहार प्राप्त करते है। और अपने अपने घर जा खाना खाते उसके बाद सब पटाखे छोड़ने मैं लग जाते है।

दिवाली पर 10 Lines (10 lines In Hindi On Diwali )

दोस्तों यहां पर 10 लाइनों में दिए जाने वाला निबंध से फायदा यह होगा कि आप बड़ा निबंध छोटे संक्षिप्त रूप में ही व्यक्त कर सकते हैं हालांकि बड़े निबंध की हालत विशेषता होती लेकिन छोटे में भी आपसे पूरी तरीके से सारांश के रूप में बता सकते हैं।

1. दीपावली हिंदुओं का पवित्र त्यौहार है
2. यह कार्तिक मास की अमावस्या को अक्टूबर में मनाई जाती है
3. भगवान राम ने इस दिन 14 वर्ष का वनवास करके अयोध्या लौटे थे जिस खुशी में वहां की प्रजा ने दीपक           जलाए थे
4. दीपावली से कुछ दिन पहले घर की साफ सफाई और रंग किया जाता है
5. दीपावली से 1 दिन पहले धनतेरस आती है इस दिन सभी कपड़े मिठाई पटाखे खरीदते हैं
6. दीपावली के दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश जी की पूजा की जाती है
7. दीपावली के दिन सभी जगह दीपक जलाए जाते हैं इसीलिए इसे दीपों का त्योहार भी कहते हैं
8. दीपावली के बाद गोवर्धन का त्यौहार आता है इस दिन गोवर्धन और गायों की पूजा की जाती है
9. दिवाली रोशनी का त्यौहार है यह असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है
10. दीपावली खुशियों और उमंग का त्यौहार है सत्य पर चलने की प्रेरणा देता है

दिवाली का लम्हा अलग ही एहसास और एक अलग ही लम्हा बीतता है। जिसे हम काफी लंबे समय तक मिला नहीं  भुला पाते है।

दोस्तों आपको हमारा दिवाली पर निबंध essay on diwali in hindi 2025 जरूर पसंद आया होगा यहां पर मैंने आपको छोटे और अलग-अलग टुकड़ों में दिवाली पर निबंध दिए है। ताकि आपको याद करने में भी आसानी हो और इसको एग्जाम और प्रतियोगिता में उपयोग ले सकते है। हमें कमेंट करके जरूर बताएं आपको मेरा दिवाली पर निबंध कैसा लगा धन्यवाद

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